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चलो सरकार बनाते हैं

बीत गया इलेक्शन सीजन,
फिर से हाहाकार मचाते हैं,
अर्जुन, बाबु, शिबू आओ,
फिर से सरकार बनाते हैं.

आश्वासन का थैला समेटो,
उन सबका अब काम नहीं,
जो वादे किये थे जनता से
अब उनका अचार बनाते हैं.
अर्जुन, बाबु, शिबू आओ,
फिर से सरकार बनाते हैं.

हम भी लूटें, तुम भी लूटो,
दिन को लूटें, रात को लूटो.
इलेक्शन में साला खर्च बहुत हुआ.
अब दो का चार बनाते हैं.
अर्जुन, बाबु, शिबू आओ,
फिर से सरकार बनाते हैं.

बेचा कोयला, बालू बेचा.
बेचा जमीन, ज़मीर भी बेचा.
अब झारखण्डसे खंडबेच कर,
इसको झार बनाते हैं.
अर्जुन, बाबु, शिबू आओ,
फिर से सरकार बनाते हैं.

नया गवर्नमेंट काम बहुत है,
साली राजनीति में नाम बहुत है.
जो अपनी रोटी कमा-खा रहे,
उनको बेरोजगार बनाते हैं.
अर्जुन, बाबु, शिबू आओ,
फिर से सरकार बनाते हैं.

पहले से ही बीमार झारखण्ड,
इसको और बीमार बनाते हैं,
अर्जुन, बाबु, शिबू आओ,
फिर से सरकार बनाते हैं.

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