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जिंदगी कर एहसान मुझप

जिंदगी कर एहसान मुझपर ,
चाहे मेरी जान ले.
दे कोई सजा मगर,
अब ना इम्तेहान ले.

हार गया मैं तेरे आगे,
दंभ मेरा सब चूर हुआ.
माना मैं अधम मनुज हूँ,
तू भी अब ये मान ले.

हर बार तुमने मुझसे खेला,
तूने मेरे सपने तोड़े,
मेरे सारे सपने ले ले,
ये मेरे अरमान ले....

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