चल आज कुछ मोहब्बत सा खेलते हैं
मैं हर बार तुझ पर जान दूंगा,
तू हर बार मुझको मौत देना.
मैं हर बार तुझे खुशियाँ दूंगा,
तू हर बार मुझे जिल्लत देना.
मैं हर सुबह तुझे रौशनी दूंगा,
हर शाम तू मुझे अँधेरा देना.
मैं हर बार तुझे हकीकत दूंगा,
हर बार तू मुझे बहाना देना.
चल आज कुछ मोहब्बत सा खेलते है </3
मैं हर बार तुझे आजादी दूंगा,
हर बार तू मुझे घुटन देना.
हर बार मैं तुझे जन्नत दूंगा,
हर बार तू मुझे क़यामत देना.
मैं हर बार तुझ पर भरोसा करूँगा,
और तू हर बार उसे तोडती जाना.
फिर हर बार पूछना दिया क्या तुमने?
और मैं हर बार कहूँगा, कुछ नहीं!!.....
पर मुझे तुझसे सब कुछ मिला
वो सब.. जो एक आशिक को मिलता है,
थोड़ी सी दर्द, थोडा सा आंसू और अगणित इंतजार.
हर पल शिकायत करना मेरी बेरुखी का,
और पल मुझे बेबसी देना.
मैं हर बार तुझ पर जान दूंगा,
तू हर बार मुझको मौत देना.
मैं हर बार तुझे खुशियाँ दूंगा,
तू हर बार मुझे जिल्लत देना.
मैं हर सुबह तुझे रौशनी दूंगा,
हर शाम तू मुझे अँधेरा देना.
मैं हर बार तुझे हकीकत दूंगा,
हर बार तू मुझे बहाना देना.
चल आज कुछ मोहब्बत सा खेलते है </3
मैं हर बार तुझे आजादी दूंगा,
हर बार तू मुझे घुटन देना.
हर बार मैं तुझे जन्नत दूंगा,
हर बार तू मुझे क़यामत देना.
मैं हर बार तुझ पर भरोसा करूँगा,
और तू हर बार उसे तोडती जाना.
फिर हर बार पूछना दिया क्या तुमने?
और मैं हर बार कहूँगा, कुछ नहीं!!.....
पर मुझे तुझसे सब कुछ मिला
वो सब.. जो एक आशिक को मिलता है,
थोड़ी सी दर्द, थोडा सा आंसू और अगणित इंतजार.
हर पल शिकायत करना मेरी बेरुखी का,
और पल मुझे बेबसी देना.
चल आज कुछ मोहब्बत सा खेलते हैं 






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